!****उम्र एक रास्ता ****!
उम्र एक ठहराव हैं और जीवन एक रास्ता हैं ,एक पगडण्डी हैं, हमें तय करना हैं मंजिल को मॄत्यु को । चलना तो पडेगा । चाहे स्लो चाहे फास्ट ।
टाइम हैं पथ प्रदर्शक । उसी के साथ चलना हैं ,हमको और तुमको भी ।
और प्रकृति की चुनौतियों को भी करना हैं स्वीकार जो हम सबका हैं अधिकार ।
शरीर तय करता हैं दूरी ,चाहे चाहत रहे अधूरी ,या हो कोई मजबूरी
तन की ,मन की ।।
और एक दिन मिट जायेगा फासला
रखना हैं सबको हौसला । चाहे हो बुरा चाहे हो भला ।क्योंकि उम्र तो हैं एक पडाव जबकि मॄत्यु हैं अन्तिम ठहराव ।।
धन्यवाद