*ओट और चोट*
संता- क्यों बंता अबकी किसको ओट कर रहे हो ?
बंता--अरे अबकी तो सब नमो नमो अहै , भाजपा के लहर बा ।
संता--जो बेरोजगारी भत्ता लिये ,लैपटाप लिये ,साईकल लिये, यही नहीं कन्या विद्या धन जो लिये उसका क्या ?
बंता--ईतो लालच था ,तबौ काफ़ी कुछ तो केहेन अहा ।पर जनता के मन कुछू औरै हैं । कुछ नया ।
संता-- तुम्हारा मतलब लुभावने विकास की अपेक्षा सुदृढ़ शख्सियत की आवश्यकता काफ़ी मायने रखती हैं ।
बंता --और ईहै लोगों के उम्मीद की अन्तिम किरण अहै । फिर कभौ यैसेन लहर न आ सकी । चुनाव मे ।
संता--देखते हैं दिलो को जीत लेने वाले मोदी पहले से लगे हुये गरीबी और भ्रष्टाचार के जख्मों पर कितना असरदार मरहम लगाते हैं ।। नमो नमो ।।